Friday, 19 August 2011

सिलीशिया (Silicea)

सिलीशिया  को याद करते है फोड़ो में. पसीने का अत्यधिक आना भी इसकी याद दिलाता है.
हड्डी, दात और मसुडो पर भी इसका बड़ा असर देखा गया है.

यह व्यक्ति सहमा सहमा सा हो सकता है. लेकिन एक अवस्था में यह बहोत जिद्दी हो सकता है. ऐसा भी हो सकता है की विपरीत शारीरिक परिस्थिति में यह परिश्रम करने की शक्ति रखता है.

शरीर की लघुता इस में पायी जा सकती है. यह छोटे कदवाला और दुबला पतला हो सकता है.

इसके पैर में दरारे हो सकती है. ऐसी दरार जो पानी से बढ़ जाती है. वैसे भी इस व्यक्ति की तकलीफ पानी से और ठंडी से बढ़ सकती है.

इस व्यक्ति के मुह में फोड़े हो सकते है. बदन पर भी फोड़े हो सकते है.

इसे कब्ज की शिकायत हो सकती है. पैखाना बड़ी मुश्किल से बाहर आता है. बाहर  आने के बाद फिर अन्दर खिसक जाता है.

इस व्यक्ति को पेशाब में जलन हो सकती है.

बच्चे को पढाई के बाद जो सिरदर्द होता है उसे सिलीशिया ठीक कर सकता है.

भगंदर याने फिस्टुला की यह एक बड़ी औषधि है.

स्त्री को रक्त प्रदर अधिक मात्र में हो सकता है. श्वेत प्रदर की शिकायत भी हो सकती है.

नजला में यह दवा काम कर सकती है.

2 comments:

  1. एक ३८ साल के आदमी के पैर की उंगलियों में जाड़े में सुजन आ गयी. जब वह पैर को जमीं पर रखता तो उसे तीव्र वेदना होती. यह वेदना सुजन से भिन्न थी. उसे सिलीशिया २०० की चंद खुराको ने आराम पहुचाया.

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