Friday, 19 August 2011

काली कार्ब (Kali Karb)

इस व्यक्ति को हर चीज जहा की तहा चाहिए. चीजे इधर उधर हुई की इसका मिजाज बिगड़ा.

बच्चे को जन्म देने के बाद माता को जो चिडचिडापन और अन्य समस्या होती है उसमे इस दवा को याद करे.

इस व्यक्ति को पैखाना सख्त होता है. बवासीर की परेशानी हो सकती है.

औरत को जो बार बार पेशाब जाना पड़ता है रात में, प्रसूति के बाद, तो इस परिस्थिति में यह दवा काम कर सकती है.

कमर की हड्डी के दर्द में इसे याद करे.

इस व्यक्ति को सास की तकलीफ हो सकती है.

1 comment:

  1. एक ४५ साल की महिला कमर की हड्डी (टेल बोन) में तीव्र दर्द की शिकायत लेकर उपस्थित हुई. उसने कहा की उसे बहोत ज्यादा रक्त स्राव के कारण गर्भाशय निकालना पड़ा. उस आपरेशन के वक़्त उसे गुदा में मस्सा उभरा. मस्से में भी काफी दर्द होता है. उसे घर एकदम साफ़ सुथरा चाहिए.

    उसे काली कार्ब २०० से हड्डी के दर्द में राहत मिली.

    एक बार जब उसे चक्कर आने लगे तो नक्स वोमिका २०० ने उसे आराम पहुचाया.

    उसे हाथ में झुन झुनी और दर्द की पुरानी शिकायत थी. उसे लायकोपोडियम २०० और कैल्क कार्ब २०० से रहत मिली.

    उसे कोई भी दो दवा एक साथ नहीं दी गयी. उसे लचक में रहस टाक्स २०० ने भी आराम कराया.

    योगराज गुग्गुलु का भी उसपर प्रयोग किया गया. लेकिन उसने आयुर्वेदिक दवा में कोई रूचि नहीं दिखाई.

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