Monday, 5 September 2011

कुछ और आयुर्वेदिक दवाइयाँ (Few more ayurvedic remedies.)

यहाँ हम कुछ और आयुर्वेदिक दवाइयों के बारे में आपको बता रहे है.

१. कुमारी आसव
यह घृत कुमारी से बना होने के कारण इसे कुमारी आसव कहा जाता है. यह पेट की एक जबरदस्त दवा है. वैसे इसका नाम कुमारी आसव होने से पुरुष को घबराने की जरूरत नहीं है.
यदि पेट में दर्द हो, पाचन ठीक से ना हो रहा हो, पेट फूल गया हो, खाने की इच्छा न हो रही हो तो इसके प्रयोग से लाभ होता है. पेट में गैस बनने की शिकायत पर भी यह दवा काम करती है.

२. त्रिफला चूर्ण

यह कब्ज पर काम करने वाला चूर्ण है. इसे रात को सोते समय गरम पानी से लेने से सुबह उठके पेट साफ हो जाता है. इस में आमला होने से यह आँख को फायदा दे सकता है. इसी तरह बहेड़ा से शास के विकार में मदद हो सकती है और फेफड़े मजबूत हो सकते है. रोजाना इसका प्रयोग करना उचित नहीं है. कपालभाती प्राणायाम और अग्निसार क्रिया कब्ज का एक निर्दोष उपाय है और इन प्राणायाम के करने से अनेक लाभ भी होते है. त्रिफला चूर्ण को रात में सोते समय केवल गरम पानी के साथ (ठन्डे के साथ नहीं) एक चम्मच ले.

३. महासुदर्शन चूर्ण

इस चूर्ण का सेवन सभी प्रकार के बुखार में अच्छा लाभ देता है. बुखार के बाद की कमजोरी के लिए भी यह अछि दवा है. इसका सेवन अमृतारिष्ट के साथ करने से यह अधिक लाभ करता है.

४. आमलकी रसायन

यह आख के विकारो में जैसा आँख के रौशनी कम होना, आँख लाल होना, धुप के कारण या अन्यथा आँख में जलन होना ऐसे सभी लक्षणों पर काम करता है. आप इसके अभाव में आमला चूर्ण या आमला स्वरस भी ले सकते है.

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