Friday, 2 September 2011

कासटीकम (Causticum)

यह दवा उन लोगो पर अच्छा असर दिखाती है जो दुसरो के प्रति सहानुभूति रखते है और समाज के लिए कुछ करना चाहते है. यह व्यक्ति अक्सर कर्तव्य परायण होता है.

इस व्यक्ति के हाथ पैर में काफी दर्द हो सकता है. इसे पक्षाघात या कम्पवात भी हो सकता है.

इसे नींद आने की समस्या हो सकती है. बिस्तर की गर्मी से यह बेहतर भी महसूस कर सकता है.

इसे मस्सो में भी प्रयोग में लाया जाता है.

इस व्यक्ति की तकलीफ उसके बारे में अर्थात तकलीफ के बारे में सोचने पर बढ़ सकती है. खासकर बवासीर में ऐसा होने की संभावना ज्यादा है.

यह व्यक्ति अपमान या दुःख को सीने से लगाकर उसका अपनी तबियत पर गलत प्रभाव डाल सकता है.

इसको पैखाना सख्त होने की सम्भावना है. कब्ज की भी संभावना हो सकती है.

आपरेशन के बाद यदि पेशाब रुकी हुई है तो यह दवा काम करती है.

1 comment:

  1. एक सज्जन उम्र ७५ साल मेरे पास आये. उनकी पत्नी ने कहा की उनके पैर में सुजन है, दर्द तो इतना है की यदि पैन किलर देने में कुछ घंटे की देर भी हो जाए तो वे दर्द से करहाते है. सुबह दर्द अधिक होता है. उनको दस और पांच साल पहले जीभ का पक्षाघात भी हुआ था.
    मैंने उन्हें दिन में कासटीकम ३० और रात में रहस टाक्स २०० कुछ दिन लेने को कहा. उनसे कहा था की दवा तिन दिन ले फिर रुक जाए.
    उनकी पत्नी ने १५ दिन बाद आकर कहा की उनके पैर की सुजन चली गयी, दर्द भी चला गया और वो अभी घर के घर में टहलते है. पहले वो किसी दुसरे का सहारा लेकर चलते थे.

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